Karnal Voice message July 2014


02 July

Morning:

यह सन्देश CCAFS द्वारा दिया जा रहा है| धान की रोपाई के कुछ दिन बाद उन खेतों में जहाँ पिछले दो सालो से जिंक नहीं डाला है और जहाँ भूमि का PH 8 से अधिक है और लगातार अधिक उत्पादन देने वाली फसले ली जा रही है, वहां जिंक की कमी के लक्षण फसल पे दिखाई दे सकते है, यह लक्षण पूरे खेत में न फ़ैल कर बीच बीच में घेरे के रूप में उभर सकते है, पौधों की बढ़वार रुक जाती है और पत्तों पर मटमैले भूरे रंग के धब्बे उभर जाते है और जो धीरे धीरे फैलने लगते है, धान की फसल में जिंक की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 1 किलोग्राम जिंक सलफेट 21% जिंक और 5 किलोग्राम यूरिआ 200 लीटर पानी में मिलाकर 1 एकड़ क्षेत्र पर छिड़काव करे, आवश्कयता हो तो एक सप्ताह बाद फिर एक और छिड़काव करे|



06 July

Morning:

यह सन्देश CCAFS की तरफ से है | इस वर्ष मानसून कमजोर रहने के संकेत है, अब तक आपको भी अंदाजा हो गया होगा, ऐसे में धान की फसल में सिंचाई का विशेष ध्यान देना होगा, खेत में लगातार पानी खड़ा रखना आवश्यक नहीं है, रोपाई के बाद जब पौधे ठीक से जड़े पकड़ ले तो पानी रोक लें ताकि पौधों की जड़ें विकसित हो सकें , फिर वानस्पतिक बढ़वार पूरी होने पर रोके, खाद डालने और निराई गुड़ाई करने से पहले भी खेत से पानी निकाल दें , फुटान की अवस्था और बालियां निकलने की अवस्था पर पानी की कमी ना होने दें , खेत में दो इंच से ज्यादा पानी ना खड़ा रहने दें, कम पानी दे कर खेत को गीला रखेंगे तो भी उपज में कोई खास असर नहीं पड़ेगा |



12 July

Morning:

यह सन्देश आपको CCAFS की तरफ से दिए जा रहा है | धान की पूरी पैदावार लेने के लिए फसल में खरपतवार नियंत्रण बहुत ज़रूरी है, रासायनिक विधि से खरपतवार नियंत्रण के लिए रोपाई के दो दिन बाद ब्यूटाक्लोर Butachlore यानि मचेटी,Saturn, Stamp, Anilofos, Rifit, Basalin, में से एक रसायन का के डिब्बे पर लिखे हुए उपयोग विधि को ध्यान से पढ़े और सावधानी पूर्वक दवा का उपयोग करे, यदि रोपाई के 20 से 25 दिन बाद खरपतवार नियंत्रण करना चाहते है तो अलमिक्स Almix रसायन का प्रयोग करे।



22 July

Morning:

यह सन्देश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है| करनाल जिले में अगले 3 - 4 दिनों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और वर्षा होने की भी सम्भावना बनी रहेगी, दिन का अधिकत्तम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनत्तम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है| वातावरण में सुबह के समय नमी 60 से 86% और दोपहर बाद 28 से 49 % बनी रहेगी, अधिकतर पुरवा हवा 8 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलेगी, ऐसे में किसान भाई अपने धान के खेत में परिस्तिथि देख कर सिंचाई करे और खेत में सूखे के कारण दरार न होने दे |



26 July

Morning:

यह सन्देश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है | आने वाले सप्ताह में हल्की से मध्यम वर्षा होने की सम्भावना है, अतः धान की रोपाई का कार्य पूरा कर ले, सूखे मौसम के कारण रोपाई के बाद जो पौधे मर गए है उनके स्थान पर दूसरे पौधे लगाएं, कम वर्षा वाले क्षेत्रो में पहले रोपित फसल में सूखे के प्रति सहनशीलता बढ़ाने के लिए 2% यूरिया व पोटाश का छिड़काव करे, प्रतिकूल मौसम के कारण लम्बी अवधि को पौध की रोपाई में देरी होने पर पौध को ऊपर से थोड़ा काट कर रोपाई करे इससे तना बैदक और हिप्सकीट का प्रकोप भी कम रहेगा|


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