Karnal Voice message June 2014


04 June

Morning:

यह संदेश CCAFS की तरफ से है, आने वाले 3 से 4 दिनों में करनाल जिले में मौसम खुला और कड़ी धूप वाला होगा । दिन का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊँचा चलेगा और कुछ भाग में लू भी चल सकती । रात में न्यूनत्तम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच में रहेगा । हवा का रुख पिछवा हो सकता है और हवा की गति तीन से सात किलोमीटर प्रति घण्टा रहेगी | मौसम बहुत शुष्क रहेगा | हवा में नमी सुबह के समय 15 से 19% और दोपहर बाद में सिर्फ 5 से 9 % रहेगी , ऐसे में धान की नर्सरी में पौधों को तेज धूप से झुलसने की सम्भावना हो सकती है , उसे टाट की आड़ लगा के बचायें । धान की नर्सरी में सिंचाई ,कीट नियंत्रण और खरपतवार नियंत्रण का काम भी जारी रखे । धान की रोपाई के लिए खेत की तैयारी भी करे ।



08 June

Morning:

यह संदेश CCAFS की तरफ से है | आने वाले 3-4 दिनों में करनाल ज़िले में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा | दिन का अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के आस पास रह सकता है | हवा भी शुष्क और पश्चिमी दिशा से 6 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा रफ़्तार से चलेगी | दो तीन दिन बाद अधिकतम तापमान में धीरे धीरे कमी आएगी और 18 और 19 जून के बाद अधिकतम तापमान 40 डिग्री के निचे आ जाएगा | धान की नर्सरी में कीट प्रकोप दिखाई देने पर आधा लीटर रोगोर दवा को 250 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ में क्षेत्र नर्सरी में छिड़काव करे | धन्यवाद |



12 June

Morning:

यह संदेश CCAFS की तरफ से है | हर फसल भूमि से पोषक तत्व लेती है | 1 टन या 10 क्विंटल धान के उपज पर भूमि 20 किलोग्राम नाइट्रोजन, 11 किलोग्राम फासफोरस और 30 किलोग्राम पोटाश तत्व कम हो जाता है | पोटाश एक ऐसा तत्व है जो धान की फसल द्वारा नाइट्रोजन से भी ज्यादा मात्रा में भूमि से लिया जाता है| भूमि में इन तत्वों की उपलब्ध्ता पोषक तत्वों के प्रभावी उपयोग और खेती के तरीकों को डयन रखकर खाध और उर्वरर्को के उपयोग की सिफारिश की जाती है | जिससे की पूरी उपज मिले और भूमि उर्वरा शक्ति भी बनी रहे| आप मिटटी की जाँच के आधार पर या अपने इलाके के सामान्य सिफारिश के अनुसार पर खाद का अवश्य प्रोयोग करे | धन्यवाद |



15 June

Morning:

यह संदेश CCAFS की तरफ से है | यह समय धान की रोपाई का है | साधारणता 25 से 30 दिन की रोपाई की होनी चाहिए | रोपाई में देरी होने पर या पौधों की ज्यादा उम्र होने पर कल्ले कम फूटते है और उपज में कमी आती है| रोपाई की जाने वाली पौध में 5 से 6 पत्तियां होनी चाहिए | नर्सरी से पौध को एक एक कर के उखाड़े जिससे की जड़ों का नुक्सान ना हो | कतारों से कतारो की दूरी 20 सेंटीमीटर रखते हुए 15 सेंटीमीटर दूरी पर पौध को रोपे | एक स्थान पर 2 से 3 पौध लगाएं | एक वर्ग मीटर क्षेत्र में कम से कम 33 पौधें होने चाहिए | धन्यवाद |



18 June

Morning:

यह सन्देश CCAFS की तरफ से है | धान के खेत में खरपतवार नियंत्रण के लिए दवा का प्रयोग प्रभावी पाया गया है | Butachlor या Thiobencarb या Pendimethalin दवा जो बाजार में अलग अलग नामो से मिल सकती है | सवा लीटर मात्रा को 60 किलोग्राम सूखी रेत में मिलाकर धान की रोपाई के 2 - 3 दिन बाद तक 2 इंच गहरे खड़े पानी में एकसार एक एकड़ क्षेत्र में बिखेर दे | इन दवाओं के अलावा भी दूसरी दवाइयां भी बाजार में उपलब्ध है | दवाईयों के ऊपर लिखे निर्देश भी ध्यान से पढ़े और दवा को काम में ले |



22 June

Morning:

करनाल और वैशाली जिले के किसान भाई बहनो यह सन्देश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है है | रोपित धान या सीधी बिजाई विधि द्वारा लगाये गए धान में सभी तरह के खरपतवारों के रोकथाम के लिए 100 मिलीलीटर बिसपायरीबैक [Bispyribac], नोम्नीगोल्ड (Nomnigold ) दवा 200 लीटर पानी में घोलकर पौध रोपण या सीधी बिजाई के 15 से 25 दिन बाद प्रति एकड़ छिड़काव करे | छिड़काव से एक दिन पहले खेत का पानी निकाल दें और छिड़काव के एक दिन बाद तक पानी ना भरे | धन्यवाद |



25 June

Morning:

यह सन्देश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है | बासमती धान सीधी बिजाई किये गए खेतो में बिजाई के 3 सप्ताह बाद यूरिया खाध बिखेरना चाहिए | बोनी बासमती किस्मो के लिए 25 किलोग्राम यानि आधा कट्टा / थैला और लम्बी कद की बासमती किस्मो के लिए 20 किलोग्राम यूरिया एक एकड़ क्षेत्र में डाले | यूरिया शाम के समय खेत में डाले और यूरिया खाद डालने के 12 से 24 घंटो बाद खेत में पानी दे | अगर पिछले दो साल धान के खेत में Zinc नहीं डाला है तो यूरिया के साथ 10 किलोग्राम Zinc Sulphate 21% Zinc भी अवश्य दे |अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हेल्पलाइन 09992220655 पर संपर्क करे धन्यवाद |



28 June

Morning:

किसान भाइयों और बहनों | धान की फसल की बढ़वार की अवस्था में खेत में पानी भरा रहना चाहिए | हर सप्ताह धान के खेत में पानी निकाल कर ताजा पानी भरना चाहिए | एक बार में 5 - 6 सेंटीमीटर यानि 2 इंच से अधिक गहरा पानी न लगाया जाए | रोपाई के 6 से 10 दिन बाद जब पौधे ठीक प्रकार से जड़ पकड़ ले तो पानी रोक ले ताकि पौधों की जड़े विकसित हो जाए | खाद डालने और निरुआई, गुड़ाई करने के लिए भी खेत से पानी निकाल दे और यह काम करने पर 12 से 24 घण्टे बाद खेत में पानी लगाएं | यह सन्देश CCAFS द्वारा दिया गया है |


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