Karnal Voice message October 2013


16 OCTOBER

Morning:

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों । यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले तीन दिन तक आसमान साफ रहेगा और धूप खिलेगी। दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। न्यूनतम तापमान 18-19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा की गति छ किलोमीटर प्रति घन्टा रहेगी। हवा में नमी सुबह के समय 55% और दोपहर में 30% के आसपास रह सकती है। धान के जो खेत पकाव पर आ गये हैं उनमें कटाई के 10-12 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें औरपकाव की सही अवस्था पर कटाई करें। अन्य जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



16 OCTOBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। हरियाणा सरकार की योजना के अन्तर्गत अनाज के वैज्ञानिक भण्डारण के लिये 10 क्विंटल तक की धातु की कोठियों के लिये सामान्य श्रेणी के किसानों को 50% अनुदान और अनुसूचित जाति के किसानों को दस क्विंटल और पांच छ क्विंटल की कोठियों को 75% अनुदान दिया जाता है। धान की कोठियों में अनाज सुरक्षित रखा जा सकता है। कृषि विभाग से सम्पर्क कर इस योजना का लाभ ले सकते है। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



18 OCTOBER

Morning:

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। कुछ जगह धान की फसल पकाव की अवस्था पर कटाई के लिये तैयार है तो कुछ जगह जहां देर से रोपाई हुई थी फसल अभी भी दानों की दुधिया अवस्था पर है। जहां फसल दाने की दुधिया अवस्था पर है वहां इस बात का ध्यान रखें कि खेत में पर्याप्त नमी बनी रहें। आवश्यकता हो तो सिंचाई दें। कटाई के 10-12 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें। ऐसा करने से कटाई के समय खेत में जाना सम्भव हो सकेगा। साथ ही इतनी नमी भी बनी रहेगी कि आप बिना खेत की तैयारी किये HAPPY SEEDER के माध्यम से गेहूँ की बुवाई भी कर सकेगें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



18 OCTOBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। भूमि का स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा है। फसल की सही उपज लेने के लिये अब खेत में पहले से ज्यादा खाद डालना पड़ता है। यह जानना जरुरी है कि लगातार अधिक उत्पादन लेने के लिये हमे भूमि का स्वास्थ किस तरह से बनाये रखाना चाहिये? सबसे पहली बात जो ध्यान में रखनी है वो ये है कि भूमि से फसल द्वारा जितने पोषक तत्व ले लिये जाते हैं उसकी वापस भरपाई भूमि में कि जाय। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह होगी कि भूमि में जीवांश की कमी को पूरा किया जाय जिससे भूमि में उपयोगी सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या भी बराबर बनी रहेगी। तीसरी बात यह है कि हम सिंचाई के पानी का उपयोग इस तरह करें कि भूमि में क्षार नहीं जमा हो और चौथी बात यह होगी कि भूमि की भौतिक दशा भी नहीं बिगड़ने दें। गर्मी में खेत में गहरी जुताई करें। साथ ही कृषि प्रणाली का विविधता को अपनाते हुए खेती करें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



22 OCTOBER

Morning:

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आपको CCAFS का नमस्कार। मौसमविभाग और धान अनुसंधान STATION कौलसे मिली जानकारी के अनुसार अगले दो -तीन दिन तक आपके जिले में मौसम शुष्क रहेगा और धूप छाई रहेगी। धीरे धीरे तापमान में, खासकर रात के तापमान में कमी आयेगी, और ठण्ड बढेगी। दिन का अधिकतम तापमान 32-33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16-17 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। पूर्वी हवा 4-6 किलोमीटर प्रति घन्टा की रफतार से चलेगी। सुबह हवा में नमी 36-39% और दोपहर में 20-25% के बीच रहेगी। धान की फसल जो पकाव की अवस्था पर है उसमें सिंचाई देना बंद करें। पक गई फसल की कटाई करें और धान के दानों को इस तरह सूखायें की उसमें नमी 14% तक रह जाये। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



22 OCTOBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुंए, वाहनों से निकलने वाले धुएं, ईधन के धुएं और कचरा या फसल अवशेष जलाने से पैदा हुए धुंए के कारण वायु मण्डल में कार्बन डाईआक्साईड और दूसरी गैसों की मात्रा बढती है जिसके कारण पृथ्वी का तापमान बढता है। क्या हम किसान हवा में कार्बन डाईआक्साईड और दूसरी गैस जो धुंए के रुप में हवा में जा रही है उसमें थोड़ी कमी कर सकते हैं। हमारे ट्रेक्टर और पम्प को हम सही ढंग से जरुरत के अनुसार चलाये, उनकी समय समय देख रेख करते रहें, उनकी शक्ति के अनुसार इन्हे चलाये तो हम भी हवा में बढने वाले धुंए में कमी कर सकते हैं। साथ ही हमें फसल के अवशेष और कचरे को जलाना नहीं हैपर उसे सड़ा कर भूमि में ही मिलाना है। आज हम इन बातों पर ध्यान देगें तो कल की खेती सुरक्षित रहेगी।



23 OCTOBER

Morning:

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। धान की फसल प्राप्त हो जाने पर अनाज को सूखा कर ही गोदाम में रखें। गोदाम या को ठी की सुराखों और दरारों को कीटनाशी दवा से उपचारित कर बन्द करें। जहां तक सम्भव हो नई बोरियां ही काम में लें यदि बोरियां पुरानी हो तो उन्हे मैलाथियान 50 ई.सी. दवा 2 मिली लीटर एक लीटर पानी के हिसाब से घोल बनाकर 10-15 मिनट तक भिगोयें और फिर सूखा कर अनाज भरें। गोदामों और कोठियों का एल्यूमिनियम फास्फाइड की 7-10 ग¨लियां सल्फास/क्विकफास या फासफुमस में एक हजार घन फुट की दर से भण्डार प्रघुमन करें। अपनी मेहनत से पैदा किये अनाज को भण्डार में खराब होने से बचायें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



23 OCTOBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। धान की कटाई के बाद जल्दी से गेहूँ का खेत तैयार करने के लिये अकसर किसान भाई खेतों में आग लगा देते हैं। यह कानूनी तौर पर अपराध है। वैसे भी धान के खेत में इस तहर से आग लगाने से हवा में जो धुंआ फैलता है वो वनस्पति, पशुओं और मनुष्यों के स्वास्थ्य के लिये नुकसान दायक है। धुंए से जो गैस बनती है वो वातावरण को गर्म करती है जिससे पृथ्वी का तापमान बढता है। फसल अवशेष जलने से पौषक तत्व जो आने वाली फसल को मिल सकते थे नष्ट हो जाते हैं। खेत जलाने से भूमि की भौतिक, रसायनिक और जैविक दशा पर बुरा प्रभाव पड़ता है। धान के खेत को कटाई के बाद जलायें नहीं क्योंकि खेत तैयार किये बिना ही आप अब यन्त्रों की मदद से गेहूँ की सीधी बुवाई कर सकते हैं। धान के पुआल को खेत में ही मिलायें। यह भूमि की उर्वराशकित बढ़ायेगा जिससे खेत अधिक उपज देगें और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



24 OCTOBER

Morning:

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। गेहूँ की बीजाई का समय नजदीक आता जा रहा है। गेहूँ की समय पर बीजाई करने के लिये जिन किस्मों की सिफारिश की गई है इनमें मुख्य हैं WH-1105, WH-948, PBW-550, UP2338, WH711, DBW-17, WH-912, HD-3043 और HD-2851 बीज की उपलब्धी को देखते हुए इन में से किसी एक किस्मं का चुनाव करें। बीज हाफेड, इफ्को, कृभको , राष्ट्रीय बीज निगम के केन्द्रो से ही खरीदें। इन केन्द्रों से बीज खरीदने पर आपको SUBSIDY का भी लाभ मिलेगा। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



24 OCTOBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। क्या आपके अपने खेत की मिट्टी की जांच करा कर के SOIL HEALTH CARD यानि मिट्टी स्वास्थ कार्ड बनवाया है। अपने खेत की मिट्टी के बारे में सही जानकारी रखने में यह कार्ड मदद करता है। यदि आप समय समय पर इस कार्ड में दी गई मिट्टी के गुणों के बारे में जानकारी लेते रहेगें तो आप को यह अन्दाज मिलेगा की भूमि सुधर रही है या बिगड़ रही है। आप को अपने खेत में उगाई जाने वाली फसलों के लिये भूमि के प्रबन्धन और उर्वरक उपयोग की सही सिफासिश भी मिल जायेगी। अगर अब तक आप अपने खेत का मिट्टी स्वास्थ कार्ड नहीं बनवा पायें हैं तो गेहूँ की बुवाई से पहले मिट्टी के नमूने की जाँच करवायें और साथ में मिट्टी स्वास्थ कार्ड भी लें। मिट्टी की जांच के साथ के साथ अपने TUBE WELL या कुंए के पानी की भी जाँच करा लें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



25 OCTOBER

Morning:

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। गेहूँ की बीज पर सरकार ने अनुदाल घोषित किया हुआ है। यह अनुदान सिर्फ सिफारिश की गई किस्मों पर ही मिलता है। साथ ही अनुदनित बीज सिर्फ अधिकृत केन्द्रों या स्थानों पर ही मिलता है। हम आपको सिफारिश की गई किस्मों और अनुदान राशि के बारे में जानकारी दे चूके हैं। अभी से बीज आप खरीद कर बुवाई के प्रति निश्चिंत हो जायें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



25 OCTOBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। हमारी खेती में आज कल पानी और खाद का प्रभावी उपयोग कम हो रहा है। खास कर सिंचाई में आवश्यकता से अधिक पानी खर्च हो रहा है। इसके कई नुकसान हैं। जमीन के पोषक तत्व पानी के साथ घुल कर फसल की जड़ क्षेत्र से नीचे चले जाते हैं। अधिक पानी देने से भूमि में हवा की कमी हो जाती है जिसके कारण कई जीवाणुओं को आक्सीजन नहीं मिल पाती है। पौधें गल जाते हैं। कुछ रोगों की फफूंद भी पनप जाती है। पानी के गलत उपयोग से खेत ऊसर हो ने लगते हैं अतः उतना ही पानी दें जितना आवश्यक है। गेहूँ की फसल में एक बार की सिंचाई में कमी भी 3 इन्च से ज्यादा पानी न खड़ा करें। खेत में खरपतवार न हो ने दें और निराई-गुड़ाई करके पानी संरक्षित रखें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



26 OCTOBER

Morning:

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले तीन-चार दिनों में आसमान साफ रहेगा और वर्षा की उम्मीद नहीं है। दिन का अधिकतम तापमान 31-32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16-17 डिग्री सेल्सियस रहने के सम्भावना है। पूर्वा हवा 6-10 किलोमीटर प्रति घन्टे की रफतार से चलेगी। सुबह के समय हवा में नमी 80-90% और दोपहर में 50-50% रह सकती है। सुबह के समय हल्की धूंध रह सकती है। धान अधिकतर क्षेत्र में पकाव की अवस्था पर आ गया है अतः कटाई कर सकते हैं। कटाई के बाद अनाज को सूखने दें। खेत में धान के अवशेष साफ करने के लिये वहां आग नहीं लगायें। खेत में आग लगाने से वातावरण दूषित हो ता है। साथ ही भूमि में पोषक तत्वों जीवाणुओं और जीवांश का नुकसान हो ता है। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



26 OCTOBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। धान की कटाई के बाद समय पर गेहूँ की बुवाई करने के लिये खेत तैयार करने में कई बार जुताई करने की जरुरत हो ती थी। लेकिन अब बिना खेत की तैयारी के धान के खेत में कटाई के बाद तुरन्त ही गेहूँ की बुवाई की जा सकती है। इसके लिये Turbo Happy seeder काम में लेना चाहिये। अगर आप Happy seeder खरीदना चाहते हैं तो सरकार की तरफ से उस पर subsidy है। आप Happy seeder किराये पर लेकर अभी गेहूँ की बिजाई कर सकते हैं। इस तरह से बीजाई करने से पलेवा सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं हो ती है। बार बार जुताई नहीं करनी पड़ती है। और गेहूँ की समय पर बुवाई हो सकती है। कुल मिलाकर फव्ल उत्पादन में लागत कम बैठती है और उपज भी पूरी मिलती है। भूमि की उर्वरा शक्ति में भी सुधार हो ता है। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



27 OCTOBER

Morning :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। गेहूँ की बुवाई के लिये एक एकड़ क्षेत्र में साधारण 40 किलोग्राम बीज की आवश्यकता हो ती है लेकिन जिन गेहूँ की किस्मों के दाने मोटे हो ते हैं उनकी बीज की मात्रा 50 किलोग्राम प्रति एकड़ रखनी चाहिये। यदि बुवाई में देरी हो रही हो तो भी बीज की मात्रा बढा देनी चाहिये। गेहूँ की बुवाई आमतौर पर कतार से कतार की दूरी 9 इन्च या बाइस सेन्टीमीटर रखते हुए करते है। बीज की बुवाई 2-25 इन्च गहराई पर करें। इससे ज्यादा गहरी बुवाई करने से अकुंरण कम हो जाता है। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



27 OCTOBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। खेती भी एक व्यवसाय है जिस पर किसान परिवार निर्भर रहता है। यह जानना जरूरी है कि फसल लेने से लागत कितनी लगी और आमदनी कितनी हुई। धान की खेती का लेखा जो खा अब आप कर सकते हैं। लेकिन सही तरीका तो यह हो गा कि फसल में हम जैसे जैसे काम करते जाय उस का हिसाब रखते जाय। गेहूँ की फसल के लिये हमें यह काम खेत की तैयारी से कटाई और बाजार ले जाने तक का खर्च का हिसाब लिख करके रखना है। स्ंइवनत कितनी लगी, खाद बीज और दवाई कितनी लगी। सबका हिसाब रखना है। फिर आमदनी कितनी हुई। तब हम खेती में खर्चे में बचत और आमदनी बढाने पर अभी कुछ ध्यान दे पायेगें। इस बार गेहूँ की फसल में शुरू से ही हिसाब-किताब रखने का काम जरूर करें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



28 OCTOBER

Morning:

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। गेहूँ के खेत में फसल के साथ खरपतवार भी उग आते हैं। गुल्ली डंडा, जंगली जई जैसे खरपतवार तो शुरू में पहचाने भी नहीं जाते। खरपतवार फसल को दिये गये खाद-पानी का इस्तेमाल कर उपज को नुकसान पहुचाते हैं। संकरी पत्ती वाले खरपतवारों को खेत में उगने से रोका जा सकता है। इसके लिये बुवाई के दो -तीन दिन के अन्दर सवा लीटर दवा को 250-300 लीटर पानी में घोल कर एक एकड़ क्षेत्र पर छिड़काव करें। यदि इस समय आप खरपतवार नाशी रसायन नहीं काम में ले सके हैं तो बुवाई के 25-30 बाद सल्फो सल्फूरान यानि लीडर 12 ग्राम सक्रिय तत्व 250-300 लीटर पानी में घोल कर एक एकड़ क्षेत्र पर छिड़काव करें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



28 OCTOBER

Evening:

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। उŸार भारत में हमारी खेती मोटे तौर पर धान-गेहूँ के फसल चक्र पर आधारित है। कई सालों से एक ही तरह का फसल चक्र अपनाने से जमीन में से एक ही तरह के पोष्क तत्वों की कमी होती है। उसी फसल में कीड़े बीमारियां भी आसानी से पनपते रहते हैं और बढते रहते हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए खेत में फसलों और खेती का विविधी करण जरूरी है। सारे खेत में नहीं, पर कुछ हिस्से में हम सब्जी दलहन या तिलहन फसल लगाकर, अलग फसल चक्र अपना सकते हैं। साथ ही फसल के अलावा मधुमक्खी पालन, खुम्दी लगाना, मुर्गी पालन, पशुपालन, रेशम कीट पालन जैसे खेती से ही जुड़े , काम कर अपनी आमदनी और फसल और खेती के लिये अतिरिक्त संसाधन जुटा पायेगें। आप सोचे कि आप किस तरह से खेती में विविधी करण लाकर अपनी आमदनी बढा सकते हैं और प्राकृतिक संसाधनों को भी बचा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



29 OCTOBER

Morning :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। गेहूँ की समय पर बुवाइ का समय नवम्बर 15 से 25 के बीच बताया जाता है। वास्तव में यह समय मौसमपर निर्भर करता है। जब दिन का औसत तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के करीब हो तो गेहूँ की बुवाई का समय सही माना जाता है। दिन के औसत तापमान का मतलब है कि दिन के अधिकतम और न्यूनतम तापमान को जोड़ कर उसमें दो का भाग कर दें। जौसे कि इन दिनों दिन का अधिकतम तापमान 30-32 डिग्री सेल्सियस है और न्यूनतम 18-20 डिग्री सेल्सियस है तो दो नों को मिलाकर औसत हुआ 24-26 डिग्री सेल्सियस। तो हमें सही समय का इन्तजार करना है। यह देखा गया है कि यह समय अक्सर नवम्बर 15-25 के बीज रहता है। अगर ठण्ड ज्यादा हुई है तो यह समय पहले भी आ जाता है और कभी इसमें देर भी हो सकती है। गेहूँ की बीजाई समय पर ही करें जिससे सही अंकुरण व फुटान हासिल हो सके। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



29 OCTOBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। खरीफ फसल की कटाई और गहाई के बाद आपको अनाज का भण्डारण करना है। बीज भण्डारण के लिये 20 क्विंटल क्षमता वाली को ठियों की खरीद पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति के किसानों को 33% की दर से अधिकतम तीन हजार रुपये तथा सामान्य किसानों को 25% या अधिक से अधिक दो हजार रुपये की सहायता दी जाती है। बीज ग्राम योजना में 10 क्विंटल क्षमता वाले बीज भण्डारण को ठियों की खरीद के लिये अनुसूचित जाति और जनजाति को 33% या डेढ हजार रुपये तथा सामान्य किसानों को 25% या अधिक से अधिक एक हजार रुपये की सहायता दी जाती है। अपने निकटतम कृषि कार्यालय से सम्पर्क कर इस योजना का लाभ उठायें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



30 OCTOBER

Morning :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सबको CCAFS का नमस्कार। मौसमविभाग से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले तीन-चार दिनों में आपके जिले में मौसम साफ रहेगा। दिन में पूरी धूप रहेगी। दिन का अधिकतम तापमान 30.32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15-18 डिग्री सेल्सियस रहने की सम्भावना है। पूर्वा हवा की गति 6-10 किलोमीटर प्रति घन्टा रहने का अनुमान है। सुबह हवा में नमी 35-45% और दोपहर में 10% के आसपास रह सकती है। पकाव की अवस्था में धान की कटाई करें। उपज को सूखा कर साफ कर मण्डी ले जाये या भण्डारण करें। खरीफ की खेती से खाली हुए खेतों को रबी के लिये तैयार करें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



30 OCTOBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। गेहूँ की फसल को दीमक से बचाने के लिये खेत तैयार करते समय, बीजाई से पहले बीजो उपचार करें या खड़ी फसल में कीटनाशी का प्रयोग किया जा सकता है। खेत तैयार करते समय क्यूनाल फास डेढ प्रतिशत दस किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से अन्तिम जुताई के पहले खेत में मिलायें। बीजो उपचार के लिये चालिस किलोग्राम बीज को साठ मिली लीटर क्लोरपाइरीफास 20 ई.सी. से उपचारित करें। कीट नाशी को दो लीटर पानी में घोल कर बीज पर एक सार छिड़क दे। उपचारित बीज को रात भर सूखने के बाद ही बोयें । गेहूँ की खड़ी फसल में दीमक का अक्रमण हो ने पर दो लीटर क्लोर पाइरीफास 20 ई.सी. को दो लीटर पानी के साथ मिलाये। इस चार लीटर घोल को 20 किलोग्राम रेत में मिलायें और इसे एक एकड़ गेहूँ की फसल में एक सार भुरकाव कर के सिंचाई कर दें। हर हालत में आपने गेहूँ के खेत को दीमक से बचाना है। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



31 OCTOBER

Morning :

यह संदेश CCAFS द्वारा करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों के लिये प्रसारित किया जा रहा है। गेहूँ को दीमक और बीज जनित रोगों से बचाने के लिये बीजो उपचार आवश्यक है। गेहूँ को जीवाणु खाद यानि biofertilizer से भी उपचारित किया जाता है। चालिस किलोग्राम गेहूँ के बीज को सबसे पहले 60 मिली लीटर क्लोरपाइरीफास 20 ई.सी. उसके बाद 40 ग्राम रेक्सिल और आखिर में 4 पैकेट Azotobacter व 4 पैकेट फास्फोबेटिरिम से उपचारित करें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



31 OCTOBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। गेहूँ के बीजों का बुवाई के बाद अकुंरण जल्दी हो जाय उसके लिये बीज को 12 घन्टे पानी में भिग¨ लें। फिर उसे छाया में सूखाकर बुवाई करें। ऐसा करने से अंकुर दो -तीन दिन पहले ही बाहर आजायेगें। पिछली बुवाई में यह तकनीक खासकर प्रयोग में लानी चाहियें। दीमक आदि से बीजो उपचार करने पर बीज काफी हद तक पानी में भीग जाते हैं उससे भी पूरा फायदा मिलता है। बीज को पानी में भीगोने का एक और लाभ यह भी है कि खराब बीज पानी की सतह पर आ जाते है जिन्हे निकाल कर अलग कर देना चाहियें। बीजो का पूरा अकुंरण हो यही को शिश हमारी हो नी चाहियें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।


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